वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में जारी उथल-पुथल और पश्चिम एशिया के तनाव के बीच भारतीय हवाई यात्रियों और एयरलाइंस कंपनियों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनपुट कॉस्ट बढ़ रही है, वहीं इंडियन ऑयल (IOC) ने बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि घरेलू एयरलाइंस के लिए विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। तेल कंपनियों ने बढ़ी हुई लागत का बोझ खुद उठाने का फैसला किया है। इससे उम्मीद है कि हवाई किराए में अचानक बढ़ोतरी नहीं होगी और यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
ऑयल कंपनियों ने उठाया खर्च
इंडियन ऑयल के मुताबिक, कच्चे तेल के महंगे होने के बावजूद ATF की कीमतें स्थिर रखी गई हैं। इसका मतलब है कि कंपनियां फिलहाल बढ़ी हुई लागत खुद झेल रही हैं। यह कदम एयरलाइंस इंडस्ट्री को राहत देने और यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
सरकार का संतुलित रुख
सरकार ने पेट्रोल और डीजल के घरेलू दामों में भी कोई बदलाव नहीं किया है। साथ ही, निर्यात शुल्क की समीक्षा हर 15 दिन में की जा रही है, ताकि देश में ईंधन की उपलब्धता बनी रहे। नए नियमों के तहत डीजल और ATF पर निर्यात शुल्क तय किया गया है, जबकि पेट्रोल को ड्यूटी फ्री रखा गया है।
घबराने की जरूरत नहीं: सरकार
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने साफ किया है कि देश में LPG, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त आपूर्ति है। पश्चिम एशिया संकट के बावजूद आम उपभोक्ताओं के लिए कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
आम लोगों और इंडस्ट्री को राहत
ATF के दाम स्थिर रहने से एयरलाइंस कंपनियों को राहत मिली है, वहीं यात्रियों के लिए भी टिकट महंगे होने का खतरा फिलहाल टल गया है। सरकार और ऑयल कंपनियों का यह कदम महंगाई के दौर में राहत देने वाला माना जा रहा है।